Friday, August 28, 2015

बेटियां

जन्म देने के लिए माँ चाहिये,
राखी बाँधने के लिए बहन चाहिये,
कहानी सुनाने के लिए दादी चाहिये,
जिद पूरी करने के लिए मौसी चाहिए,
खीर खिलाने के लिए मामी चाहये,
साथ निभाने के लिए पत्नी चाहिये,
पर यह सभी रिश्ते निभाने के लिए

बेटियां तो जिन्दा रहनी चाहये

घर आने पर दौड़ कर जो पास आये,
उसे कहते हैं बिटिया ।।

थक जाने पर प्यार से जो माथा सहलाए,
उसे कहते हैं बिटिया ।।

"कल दिला देंगे" कहने पर जो मान जाये,
उसे कहते हैं बिटिया ।।

हर रोज़ समय पर दवा की जो याद दिलाये,
उसे कहते हैं बिटिया ।।

घर को मन से फूल सा जो सजाये, उसे कहते हैं बिटिया ।।

सहते हुए भी अपने दुख जो छुपा जाये,
उसे कहते हैं बिटिया ।।

दूर जाने पर जो बहुत रुलाये,
उसे कहते हैं बिटिया ।।

पति की होकर भी पिता को जो ना भूल पाये,
उसे कहते हैं बिटिया ।।

मीलों दूर होकर भी पास होने का जो एहसास दिलाये,
उसे कहते हैं बिटिया ।।

"अनमोल हीरा" जो कहलाये,
उसे कहते हैं बिटिया ।।

अगर आप भी अपनी बेटी को प्यार करते हैं तो आप इसे अपने दोस्तों को अवश्य शेयर करें .

[ आज बिटिया दिवस की बधाई देश की सभी गौरव शाली बिटिया व उनके भाग्यशाली पापा और मम्मी  को जिन्होंने कम से कम एक बिटिया को दो कुल की रक्षा के लिए जन्म दिया।

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